बरेली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर मनोज कुमार और अनुज मिश्रा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन सहित अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग की गई है।ज्ञापन में कहा गया कि NHM के संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन तथा विभिन्न संचारी एवं गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रमों में उनकी भूमिका अहम है।मुख्यमंत्री से सभी NHM संविदा कर्मियों के नियमितीकरण तथा समान कार्य-समान वेतन लागू होने तक वर्तमान वेतन में तत्काल वृद्धि की मांग की गई है। साथ ही जिन पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके पद सृजित करने की मांग रखी गई।ज्ञापन में 10 लाख रुपये तक की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा, महंगाई भत्ता, EPF में नियोक्ता अंशदान, HRA, ग्रेच्युटी, स्थानांतरण नीति बहाल करने और सेवाकाल में मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की गई। आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित भर्तियों में NHM कर्मियों के लिए 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। 5 से 7 अक्टूबर तक काला फीता बांधकर विरोध, 8 से 10 अक्टूबर तक कार्य बहिष्कार तथा 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल की बात कही गई है।
NHM संविदा कर्मियों ने नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग उठाई