ओटीएस पर नगर निगम में भड़के राजेश अग्रवाल , 13 साल की जगह 3 साल के गृहकर के ब्याज पर राहत पर भङके राजेश अग्रवाल,
तीन साल के बकाये पर छूट क्यों? 2014 से क्यो नही ?
एकमुश्त समाधान योजना को लेकर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व पार्षद राजेश अग्रवाल ने उठाए सवाल, बोले- जनता को गुमराह किया तो उच्च अधिकारियों से करेंगे शिकायत
बरेली। नगर निगम की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों को राहत देने के लिए शुरू की गई योजना में 13 साल पुराने गृहकर के ब्याज पर छूट नहीं मिलने और केवल तीन साल पुराने बकाये के ब्याज पर राहत दिए जाने को लेकर लोगों में नाराजगी है। इसको लेकर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और पार्षद राजेश अग्रवाल ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सवाल उठाए।
राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात कर मामले को उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब एकमुश्त समाधान योजना का उद्देश्य पुराने कर बकायेदारों को राहत देना है तो 13 साल से लंबित गृहकर पर ब्याज माफी क्यों नहीं दी जा रही है। वहीं, तीन साल पुराने बकाये के ब्याज पर ही छूट का प्रावधान किस आधार पर किया गया है।उन्होंने कहा कि लंबे समय से गृहकर जमा नहीं कर पाने वाले लोगों को ओटीएस का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। पुराने बकाये पर ब्याज माफी नहीं मिलने से योजना का उद्देश्य ही अधूरा रह जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और लोगों को सही जानकारी देने की मांग की।
राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि नगर निगम के कर्मचारी जनता को योजना की सही जानकारी देने के बजाय गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने की हिदायत दी। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जनता को सही तरीके से राहत नहीं दी गई या गुमराह किया गया तो वह मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे।
अब सवाल यह है कि जब योजना एकमुश्त समाधान के नाम पर लाई गई है तो पुराने बकायेदारों को ब्याज में राहत देने का नियम अलग-अलग क्यों है? 13 साल पुराने गृहकर पर ब्याज माफी न मिलने और तीन साल पुराने बकाये पर छूट दिए जाने को लेकर नगर निगम की नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पर नगर निगम के लापरवाही पर राजेश अग्रवाल भड़क गए जिसको लेकर उन्होंने कहा जनता का काम सही से करें वरना उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे ।