बरेली। बायपास सर्जरी को बीमारी के इलाज का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की नई शुरुआत के रूप में देखना चाहिए। सर्जरी के बाद मरीजों और उनके परिजनों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि अब सामान्य जिंदगी में कैसे लौटा जाए। विशेषज्ञों के अनुसार धैर्य, संतुलित खानपान और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार शारीरिक गतिविधि रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के कार्डियक सर्जरी विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. मनोज लूथरा ने बताया कि अस्पताल से घर लौटने के बाद शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगता है। शुरुआती दिनों में थकान, मूड में बदलाव, भूख कम लगना तथा छाती में दर्द या संवेदनशीलता महसूस होना सामान्य हो सकता है। पर्याप्त नींद और घर के भीतर हल्की सैर से शुरुआत करनी चाहिए। छाती की हड्डी पूरी तरह ठीक होने तक भारी वजन उठाने से बचना जरूरी है।
डॉ. लूथरा के अनुसार चिकित्सकीय सलाह और निगरानी में नियमित पैदल चलना रिकवरी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शुरुआत पांच से दस मिनट की हल्की सैर से कर धीरे-धीरे समय बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बायपास सर्जरी धमनियों में ब्लॉकेज के मूल कारणों को पूरी तरह खत्म नहीं करती। इसलिए धूम्रपान और तंबाकू छोड़ना, संतुलित आहार लेना तथा फल, सब्जियां और साबुत अनाज को भोजन में शामिल करना जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर मरीज सर्जरी के बाद सक्रिय और संतोषजनक जीवन की ओर लौट सकते हैं।
बायपास सर्जरी के बाद की जिंदगी को नई शुरुआत में बदलें