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राहुल गांधी भारतीय कल्चर अपनाने वाले व्यक्ति, कांग्रेस से दलितों और मुसलमानो ने दुरियां बनाई थी। बरेली। गत दिनों हल्द्वानी ( उत्तराखंड) में कांग्रेस की रेली के बाद, भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मंच का शुद्धिकरण किया था। जो इस वक्त एक मुद्दा बना हुआ है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन हल्द्वानी पहुंचे, उन्होंने राहुल गांधी को विदेशी कल्चर वाला बताया और दलितों की अनदेखी करने का इल्ज़ाम लगाया। इस पर आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस के हवाले से इतिहास के पन्नों को खंगाला जाएं तो नितिन नवीन की ये बात सही मालूम होती है, कि कांग्रेस ने दलित नेतृत्व को उभरने नहीं दिया था। आजाद भारत के बाद डाक्टर भीमराव अम्बेडकर ने 1952में पहला चुनाव नार्थ बम्बई से लडा। उनके मुकाबले में कांग्रेस उम्मीदवार था, उससे डाक्टर भीमराव चुनाव हार गए। फिर 2 साल बाद 1954 महाराष्ट्र के जिला भंडारा में माध्यमिक चुनाव हुए, यहां भी डाक्टर अम्बेडकर का कांग्रेस प्रत्याशी से आज्ञा सामना हुआ, उनको यहां भी कांग्रेस से हार का सामना करना पड़ा। ये बात कबीले गैर और सोचने वाली है कि अगर कांग्रेस चाहती तो डाक्टर भीमराव अम्बेडकर को सपोर्ट करके जीता सकती थी , और वो आसानी के साथ लोकसभा पहुंच जाते, मगर कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया।मौलाना ने कहा कि कांग्रेस ने गत वर्षो कुछ ऐसे कदम उठाए जिसकी वजह से दलित और मुसलमान अलग होते गए। दलितों के नेतृत्व ने जब इन बातों को महसूस किया तो उन में कांशीराम जैसी सख्शीयत उभर कर सामने आई , उन्होंने दलित समाज को जोड़ने की एक बड़ी मुहिम चलाई , जिसमें कांशीराम और दूसरे दलित लीडरो को बड़ी हद तक कामयाबी हासिल हुई। वहीं दूसरी तरफ वी पी सिंह ने 1987 में कांग्रेस छोड़ी , फिर जन मोर्चा बनाया, कुछ दिनों के बाद उसका नाम बदलकर जनता दल कर दिया गया। जनता दल के बैनर तले भारत में अलग – अलग राज्यों में कुछ अच्छे प्रभावशाली लीडर मिल गए, जिसकी वजह से वी पी सिंह का प्रभाव बड़ा। वहीं कांग्रेस में मुसलमानो की आर्थिक, समाजिक, और शिक्षा व रोजगार के मसाइल पर तवज्जे न देने की वजह से मुसलमान कांग्रेस छोड़ करके वी पी सिंह के बैनर तले आ गया। भारत में सियासी पर पेक्ष में अगर देखें तो मुसलमानो और दलितों को लेकर बड़े पैमाने पर दो धडेंबंदी हो गई। जिसकी वजह से कांग्रेस पार्टी बहुत हद तक कमजोर पड़ी।भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का बयान इस सम्बन्ध में ठीक है और इतिहास के हवालों से भी दुरुस्त है।मौलाना ने कहा कि कांग्रेस लीडर राहुल गांधी भारतीय कल्चर के व्यक्ति हैं, वो यहीं पले बड़े। नितिन नवीन के इस बयान से मैं इत्तेफाक नहीं रखता हूं।

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